Sakhi publishes a bimonthly publication named ‘Sakhi Samvad’. Four members editorial board publishes it. In its publications, issues related Micro-Finance, Local self-governance, Human Rights and Cooperatives get place. Besides it, various important issues, which are more relevant for women and villagers, are included. It also gives place to issues having contemporary debates i.e. violence made against women, acts related women’s domain and women’s participation in local self governance etc. This publication provides a platform to tribal, poor and deprived women.

To strengthen the efforts are being done so far, a magazine is being published that creates a interface between organization’s efforts and masses. This magazine is distributed among villagers without any price. Mangzine “Bat Panchayat Ki” pubsished quaterly it. Its publication in majar issues of PRI (Local self Governance), its related act, rules and program. This is the important magzine of local villager and panchayat representatives because Contents of magazines are related to contemporary debates and issues of panchayati raj, rights and duties, awareness and Panchayati laws.

त्रैमासिक पत्रिका- सखी संवाद

 

पत्र-पत्रिका और पुस्तकें आदि सम्पर्क तथा जानकारी प्राप्त एंवम् प्रदान करने का एक प्रमुख साधन के रुप में है । समसामयिक घटनाओं, विकास कार्याें एंवम् गतिविधियों की जानकारी को पत्र-पत्रिका में प्रकाषित कर कार्यक्षेत्र की महिलाओं तक पंहुचायी जाती है। समूह से जुडी़ महिलाएं ग्रामीण क्षेत्र में निवास करती है इनको विभिन्न कार्यों एंव क्रिया कलापों की जानकारी देने के लिये संस्था एम.एस.के.पी.पी के द्वारा प्रकाषित पत्रिका ‘सखी संवाद‘ के माध्यम से दी जाती है। ग्रामीण क्षेत्र में बहनों द्वारा किये जा रहे अच्छे कार्यो को प्रकाषित की जाती है एवं शासन की विभिन्न योजना एवं समाचारों को सखी संवाद में प्रकाषित किया जाता है ताकि महिलायें इससे जानकारी प्राप्त कर सकें।

 

उददेष्यः-
ऽ विभिन्न क्रिया कलापों एंव कार्यों की जानकारी आम लोगों को खासकर समूह से जुड़ी महिलाओं को होना।
ऽ मुद्दों पर आधारित समाचारों को प्रकाषित किया जाता है।
ऽ महिलाओं से जुड़े अधिकारों, कानूनों का प्रकाषन सरल भाषा में करना ताकि गांव की महिला भी इस बारे में आसानी से जान सके।
ऽ घर बैठे ही समूह के सदस्यों को सरल तरीके से जानकारी उपलब्ध कराना।
ऽ जेनडर समानता लाने के लिये लेख प्रकाषित करना ताकि समाज में व्यापत असमानता को दूर किया जा सके।