स्थानीय स्वषासन पंचायत

प्ृाष्ठभूमिः- 2010 में छ.ग स्थानिय स्वषासन पंचायती राज में महिलाओं को 50 प्रति. का आरक्षण दिया गया है । संस्था विगत 10 वर्षो से स्थानीय स्वषासन पंचायत प्रतिनिधियों का कार्यक्षमता वर्धन पर कार्य कर रही है। संस्था के प्रयास से विगत चुनाव में मस्तूरी विकास खण्ड की 106 पंचायत में से 56 पंचायत महिलाओं द्धारा चुनाव जीत कर आई है । इन महिला सरपंच, उपसरपंच एंव पंच को प्रषिक्षण के लिये क्षमता वर्धन, पंचायत कानून सम्बध जानकारी, नीति निर्धारण आदि की जानकारी के लिये 5 पंचायत को कलस्टर बना कर प्रषिक्षित किया जा रहा है । जनपद पंचायत मस्तूरी में 106 पंचायत में 56 महिला पंचायत 57 पंचायत जोंधरा से खोंधरा, अरपा से लिलागर नदी के बीचों बीच लगभग 75 कि.मी की लम्बाई में बसा है। संस्था एम. ए

स .के .पी.पी, बिलासपुर के द्वारा सखी के अन्तर्गत निर्मित समूह के प्रमुख को नेतृत्व क्षमता देकर उनकी सोच में परिवर्तन लाकर स्थानीय स्वषासन में भागीदारी हेतु चुनाव में भाग लेने हेतु प्रेरित किया गया जिसके परिणाम स्वरुप विगत चुनावों में महिलओं के द्वारा मस्तूरी विकासखण्ड के 106 पंचायत में से 56 सीटों में विजय हासिल कि, कई महिलाओं ने मुक्त सीटों पर भी विजय प्राप्त किया है।

उददेष्यः-

ऽ सत्ता में महिलाओं की भगीदारी बढ़ाना।
ऽ सषक्त महिला पंचायत फेडरेसन का निर्माण करना।
ऽ कार्य क्षेत्र में लिंगसमानता लाना।
ऽ महिलाओं को कार्यक्षेत्र में मिलने वाले विषेष अधिकारों से
परिचित करवाना।
ऽ महिलाओं को कार्यक्षेत्र में आने वाली समस्याओं केे समाधान से अवगत कराना।
ऽ महिलाओं के प्रति कार्यक्षेत्र में हो रही हिंसा एवं अन्याय के विरुध ।
ऽ महिला सरपंच स्ंवय के द्वारा नेतृत्व का संचालन करे ।
ऽ महिला सरपंच पर होने वाले शोषण अत्याचार से मुक्त हो ।
ऽ स्थानीय स्वषासन में 50 प्रतिषत की भागीदारी को पूर्ण करें ।
ऽ महिला अधिकार कानून सम्बधी पूर्ण जानकारी प्राप्त हो ।
ऽ जेण्डर बजट का पालन ।
ऽ सरपंचों को यात्रा भत्ता ।
ऽ निष्चित मानदेय ।

प्रकियाः-

यह बैठक प्रत्येक तीन माह में एक बार आयोजित की जाती है जिसमें अलग-अलग समसामयिक विशयों को लेकर क्रमबध रुप से प्रषिक्षण दिया जा रहा है। चुनाव के बाद महिला प्रतिनिधियों का क्षमता विकास, सरपंच, उपसरपंच ,पंच की जिम्मेदारी एंव भूमिका, पंचायत में इनके अधिकार एंव कत्र्वय, स्थाई समितियों का निर्माण एंव इनकी उपयोगिता, समस्या का हल किस प्रकार किया जाये आदि की जानकारी दी जा रही है।प्ंाचायती राज में जब से महिलाओं के लिए 33 प्रतिषत आरक्षण था तब से संस्था एम.एस.के.पी.पी महिलाओं के साथ पंचायती राज में महिलओं के सषक्तिकरण को लेकर कार्य कर रही है। सखी के अन्तर्गत निर्मित समूह के प्रमुख को नेतृत्व क्षमता देकर उनकी सोच में परिवर्तन लाकर स्थानीय स्वषासन में भागीदारी हेतु चुनाव में भाग लेने हेतु प्रेरित किया गया जिसके परिणाम स्वरुप विगत चुनावों में महिलओं के द्वारा 56 सीटों में विजय हासिल कि कई महिलाओं ने मुक्त सीटों पर भी विजय प्राप्त किया है।
महिला सरपंच एवं पंच को कार्यक्षेत्र में होने वाली समस्यायें एवं उनके सषक्तिकरण हेतु 6 पंचायत कलस्टर बनाकर उनकों पंचायती राज के सम्बध में उनका उन्मुखीकरण किया जा रहा है। इस कार्य हेतू संस्था के द्वारा तीन चरणों में कार्य किया गया प्रथम चरण चुनाव के पूर्व, द्वितीय चरण चुनाव के दौरान एवं तृतीय चरण चुनाव के पश्चात् । वर्तमान में 56 पंचायत के महिला सरपंच, उपसरपंच तथा महिला पंच के बीच कार्य किया जा रहा है। जिसमें पंचायत की भूमिका तथा जिम्मेदारी को सुचारु रुप से कार्य करने की तथा पंचायत में होेने वाली समस्या को हल किस प्रकार किया जाये इस सम्बध में जानकारी प्रदान की जा रही है, ताकि वे अपने गावों में महिला पंचायत की भुमिका को सुचारु रुप से कार्य का सन्चालन कर सके।

56 महिला पंचायत को 6 पंचायत केद्रों में बांटा गया है जिसके बारे में जानकारी निम्न प्रकार से हैः-
पंचायत केन्द्र क्रंमाक गावों के नाम
पंचायत केंद्र 1 मस्तूरी, पेण्ड्री, सरगवां, कोनी, ईटवा, वेदपरसदा, चैहा, डोडकी, बकरकुदा, बुढ़ीखार, किरारी।
पंचायत केद्र 2 पचपेडी, चिस्दा, बिनौरी, केवतरा, जलसो, पताईडीह, धनगंवा, सुलौनी।
पंचायत केंद्र 3 लिहाटी, चिस्दा, लोहर्सी, जोंधरा, परसाडी, कुकुदीकला, बसंतपुर, सोन, सोनसरी, गोडाडीह।
पंचायत केंद्र 4 मानिकचैरी, कोकडी, मनवा, हरदी, भकचैडा, आमागांव, बहतरा, गिधपुरी, ठकुरदेवा।
पंचायत केद्र 5 जयरामनगर, भनेसर, मुडपार, राकं, गतौरा, भदौरा।
पंचायत केद्र 6 सीपत, देवरी, नवागांव, झलमला, गुड्ी, हिण्डाडीह, सोठी, जुहली, कुकदा, कुली, लूतरा, बनियाडीह, ठरकपुर।

पंचायत केन्दª का नाम:-
1.मस्तूरी
2.पचपेड़ी
3.चिल्हाटी
4.मानिकचैरी
5.खम्हरीया
6.जयराम नगर