Given Below are some case studies 

नाम- श्रीमती निर्माला साहू
ग्राम- सेंवार, थाना – चक्करभाटा
जिला- बिलासपुर (छ.ग)

यह केष स्टडी है श्रीमती निर्मला साहू (पति सत्यनारायण साहू) की जिसे पति ने केवल षक के आधार पर घर से निकाल दिया गया। यहीं से इस महिला के सघर्श की कहानी की षुरुवात होती है अपने पति के घर से बेघर होने के पष्चात् वह अपने पिता के घर रहने आ गयी जहाॅ समाज वालों ने उसे ताने दिये तथा समाज के ऊचें लोगों ने समाज की बैठक बुलाई एंवम् निर्णय लिया गया की पीड़िता के पिता द्वारा बेटी को सरक्षण में रखने के लिये उसे समाज से बाहर कर दिया जाय।
इस पष्चात् निर्मला की भाभी जो ग्राम हिर्री की निवासी एंवम् सखी सहकारी समिति की सदस्य है इस घटना के बारे में सखी की संचालिका श्रीमती हेमलता साहू से बताया इसके बाद से उनके द्वारा हस्ताक्षेप किया गया । उनके द्वारा निर्मला का केष घरेलू हिंसा के तहत कुटुम्ब न्यायालय बिलासपुर (छ.ग) में पजींकृत किया गया और उचित कार्यवाही की गयी जिसके फलस्वरुप वर्तमान में 125 भरण पोशण के अधिकार के अन्तर्गत 3000 रुपय का आदेष निर्मला के पति को हुआ है। आज निर्मला साहु सखी सहकारी समिति के अन्र्तगत कार्यरत अपने लक्ष्य के ओर अग्रसर है ।

 

नाम- श्रीमती ईश्वरी भेासले
ग्राम- सरगाॅवा , थाना – मस्तूरी
जिला- बिलासपुर (छ.ग)

श्रीमती ईष्वरी भोसले जो ग्राम सरगाॅवा की निवासी है यह 5 बच्चों की माता हैं ईष्वरी अपने सास-ससूर के साथ-साथ अपने पति के द्वारा प्रताड़ित तब से कि जा रहीं है जब से वह षादी कर के ससुराल आई इनका पति षराब पी कर ईष्वरी को छोटी-छोटी बातों मारता पीटता था। पति-पत्नी दोनों मजदूर कर के परिवार का भरन पोशण करते थे हद तो तब हो गयी जब पत्नी का पैर टूटने पर भी कार्य करने पर उसे मजबूर किया जाता एंवम् मार पीट की जाती। पीड़िता की मुलाकात श्रीमती हेमलता साहू जी से होने के पष्चात् इसका केष भी घरेलू हिंसा के तहत कुटुम्ब न्यायालय बिलासपुर (छ.ग) में पजींकृत किया गया यह केष भी वर्तमान में 125 भरण पोशण के अन्तर्गत चल रहा है वर्तमान में अपनी आजीविका को चलाने के लिये वह सखी सहकारी समिति में में प्रषिक्षण प्राप्त कर रही है।

 

3.

यह केष स्टडी है श्रीमती लक्ष्मीन डहरीया उम्र 28 वर्श अपने पति श्री षेख डहरीया ससुराल कवर्धा में रहती है । उसकी षादी को 2 वर्श हुआ हैै, कवर्धा से श्रीमती लक्ष्मीन बाई को उसके मायके सिंधी कालोनी,बिलासपुर में ला दीया था । बिलासपुर आने के बाद श्रीमती लक्ष्मीन बाई संस्था एम.एस.के.पी.पी. बिलासपुर में उपस्थित हुई । और आपने पति,सास,ससुर के खिलाफ प्रताडना दर्ज की जो इस प्रकार है –
आपने पति,सास,ससुर द्वारा दहेज में मोटर सायकिल की माग करते है और कहते है की 50,000.00 रूपयें अपने मायके से लेकर अवो उसी समय मैं गभ्रवती थी ।उस समय भी मुझे अत्सधिक प्रताडीत किया जाता था । और कहते थे की यदी तुम पैसा नही लाओगी तो तुम्हारे लिए इस घर का दरवाजा हमेसा के लिए बन्द हो जाएगा तो भी मैं उस गर्भ अवस्था में भी उस घर में रहती थी । मै सोचती थी की मेरा बच्चा जब जन्म लेगा तब मेरा पति ससुराल वाले सुधर जाएगे परन्तु मेरा पति बच्चा का जन्म लेने के बाद लडकी को जन्म दि है बोल कर षराब पी कर गंधी-गंधी गालिया देने लगा और मारपीट करने लगा । मैं दुसरी षादी करूगा करके मुझे धर से बाहर निकाल दिया ।
संस्था द्वारा पुछा गया की हमसे क्या चाहती हो, तब उसने कहा की मुझे और मेरी बेटी को अच्छा से रखेगे तो मै आपने बच्ची के साथ जाना चाहती हू । संस्था द्वारा उसके पति के पते पर सूचना भेजि गई की संस्था एम.एस.के.पी.पी. में पति,सास,ससुर को उपस्थित होने को इस पत्र के माघ्यम से उन्होने उपस्थित हुए ।
संस्था के काउंसलर द्वारा पुछा गया तब अनावेदन द्वारा बताया गया की कभी-कभी मै षराब पिता हु नषे के दौरान घुस्सा में आ जाता हु और लडाई झगडा हो जाता है । सास ससुर द्वारा कहा गया की हम लोग बिमार रहते है हम लोग कोट कछेरी नही चाहतें हम अच्छे से रखना चाहते है । हमारी बहु द्वारा ही छोटी-छोटी बातो मे ही मयके जाने की बात करती है ।
इस तरह दोनो की बातो को सुना गया और आवेदिका से पुछा गया की आप ससुराल जाना चाहती हो तब उसने कहा की मै जना चाहती हु । लेकिन मैं न्यायलय द्वारा लिखा पढी के साथ तब संस्था द्वारा घरेलू हिंसा धारा-12 के तहत प्रकरण प्रस्तुत किया गया । न्यायलय में वयान दर्ज कराया गया और दोनो अच्छे से रहेगे एक दुसरे का मान सम्मसन बनायें रखेगे । इस तरह श्रीमती लक्ष्मीन डहरीया और श्री षेख डहरीया घर को संस्था द्वारा बसाया गया